Tuesday, August 02, 2016

कौन शायर रह सकता है

लफ़्ज़ अपनी जगह से आगे निकल जाते हैं 

और ज़िंदगी का निज़ाम तोड़ देते हैं 

अपने जैसे लफ़्ज़ों का गठ बना लेते हैं 

और टूट जाते हैं 

उन के टूटे हुए किनारों पर 

नज़में मरने लगती हैं

लफ़्ज़ मरने लगती हैं 

लफ़्ज़ अपनी साख़्त और तक़दीर में 

कमज़ोर हो जाते हैं 

मामूली शिकस्त उन को ख़त्म कर देती है

उन में

टूट कर जुड़ जाने से मोहब्बत नहीं रह जाती 

इन लफ़्ज़ों से

बदसूरत और बेतरतीब नज़में बनने लगती हैं 

सफ़्फ़ाकी से काट दिए जाने के बाद 

उन की जगह लेने को 

एक और खेप आ जाती है 

नज़मों को मर जाने से बचाने के लिए

हर रोज़ उन लफ़्ज़ों को जुदा करना पड़ता है

और उन जैसे लफ़्ज़ों को हमले से पहले 

नए लफ़्ज़ पहुँचाने पड़ते हैं


(Syed Ahmed)

आ गए तुम

आ गए तुम!!
द्वार खुला है
अंदर आ जाओ..
ड्योढी पर पड़े पायदान परअपना अहं झाड़ आना..
अपनी नाराज़गी वहीँ उड़ेल आना ..
मन की चटकन चढ़ा आना..
जूतों संग हर नकारात्मकता उतार आना..
थोड़ी शरारत माँग लाना..
तोड़ कर पहन आना..
तुम्हारी थकान पर मनुहारों का पँखा झल दूँ..
सूरज क्षितिज पर बाँधा है
लाली छिड़की है नभ पर..
घूँट घूँट पीना..
पर तनिक ठहरो मधुमालती लिपटी है मुंडेर से
तुलसी के क्यारे में
अपनी व्यस्ततायें बाहर खूंटी पर ही टांग आना
बाहर किलोलते बच्चों से
वो गुलाब के गमले में मुस्कान लगी है
लाओ अपनी उलझने मुझे थमा दो
देखो शाम बिछाई है मैंने
प्रेम और विश्वास की मद्धम आंच पर चाय चढ़ाई है
सुनो इतना मुश्किल भी नहीं हैं जीना...

(Rahul Saxena)

Thursday, July 28, 2016

Aakhir kab tak...

फ़ोन की घंटी लगातार बज रही थी ! मालती जल्दी से रसोई से अपने पल्लू से हाथ पोंछती मन ही मन बुदबुदाती फ़ोन उठाने भागी !
”हेलो …! जी ,मालती से बात कर सकता हूँ ?”.उधर से  एक आवाज़ आई !
”मैं मालती ही बोल रही हूँ,”! ”आप कौन? ”मालती ने पूछा ! उधर से एक मद्धम सी आवाज़ उभरी ….”.मालती ,मैं रितेश बोल रहा हूँ ”!

हाथ से रिसीवर छूट गया मालती के ..”..रि…तेश…!” हेलो..हेलो !”मालती …क्या हुआ ? सुनो ,एक बार ध्यान से सुनो मेरी बात ”! मालती ने कांपते हाथो से रिसीवर उठाया और असमंजस सी ,हैरान ,घबराई आवाज़ में बोली ,”रितेश....... पर तुम तो ….भैया ने बताया था कि तुम्हारा एक्सिडेंट हुआ …और तुम अब इस दुनिया में नहीं हो !”

जनाब, हम भीख नहीं माँगते


उस दिन मिश्रा जी के प्रति मैं पूरी तरह घृणा से भर गया था । वह 31 अक्टूबर 1984 का दिन था । दोपहर बाद कोई तीन बजे के लगभग मैं आगरा ऑफिस में था कि कानाफूसी होने लगी। किसी ने कहा ’ इंदिरा गांधी को मार दिया ’ रेडियो पाकिस्तान से यह खबर सुनी है।’ आधिकारिक रूप से तब तक यह घोषणा नहीं की गई थी । मैं बड़े पशोपेश में था । मुझे इस बात का कतई अनुमान नहीं था कि अब आगे क्या होगा। हत्या हुई है तो जाँच होगी, अपराधियों को सजा मिलेगी। प्रधानमंत्री की हत्या कोई मामूली बात नहीं। परंतु वास्तव में जो होना था उसके बारे में मैं

Monday, June 10, 2013

Some Amazing Facts about India

1.The Writer of famous " OM JAI JAGDISH HARE" Aarti is Shraddha Ram Phillauri.
2. Rabinder Nath Tagore has written national anthem for two countries India And Bangladesh.
3. There is a French electronic band named “Masala Dosa.”
4. .A sugar company in Andhra provides rocket fuel to ISRO.
5. Viswanathan Anand is first player in chess history to have won the World Championship in three different formats: knockout, tournament, and match.
6.  India is one of only 3 remaining countries in the world to have a horsed cavalry regiment.
7. Agni III is the most accurate missile in the world in its range category and BrahMos is the fastest operational cruise missile in the world.
8. Lonar Lake, a saltwater lake in Maharashtra, was created by a meteor hitting the Earth and is one of its kind in India.
9.  Raj Kapoor’s 1951 film Awaara was massively popular in Soviet Russia and China. The film and its title song were Mao Zedong’s (Founder of People’s Republic of China) favorite.
10.  India Post allows you to order personalized stamps with your picture on them.

Friday, January 18, 2013

Mera Hasil-e-zindagi Hasraton Ke Siwa .......


Mera Hasil-e-Zindagi Hasraton Ke Siwa Kuch Bhi Nahi....,

Ye Kiya Nahi ,Woh Hua Nahi, Ye Mila Nahi, Woh Raha Nahi....!